प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय इजरायल के दो दिनों के दौरे पर पहुंचे हैं. तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के पहुंचने पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने उनका स्वागत किया. इजरायल में ग्रैंड वेलकम के बीच पीएम मोदी ने इजरायली संसद Knesset को संबोधित किया. और पढ़ें
नरेंद्र मोदी भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने इजरायल की संसद को संबोधित किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत हिब्रू शब्द Shalom यानी शालोम से की. हिब्रू में अभिवादन के लिए शालोम शब्द का इस्तेमाल किया जाता है. पीएम मोदी ने शालोम कहकर इजरायल की जनता और सांसदों को संबोधित किया.
शांति और दोस्ती के दूत PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि वह भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से दोस्ती और सम्मान का संदोश लेकर इजरायल आए हैं. भारत और इजरायल के रिश्ते केवल रणनीतिक नहीं है बल्कि साझा मूल्यों और विश्वास पर टिके हुए हैं.
उन्होंने कहा कि वह इजराइली संसद में खड़े होकर खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं एक प्राचीन सभ्यता भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दूसरी प्राचीन सभ्यता को संबोधित कर रहा हूं.
#WATCH | Jerusalem, Israel: Addressing the Israeli Parliament, Prime Minister Narendra Modi says, “…I was born on the same day that India formally recognised Israel, September 17, 1950. I also carry with me the deepest condolences of the people of India for every life lost and… pic.twitter.com/9XJqH9GZ8m
— ANI (@ANI) February 25, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि नौ साल पहले मुझे इजरायल आने का मौका मिला था. उन्होंने कहा कि मुझे भारत के पहले प्रधानमंत्री के तौर पर इजरायल आने का सौभाग्य मिला था और मैं यहां फिर से आकर बहुत खुश हूं. मैं उस जमीन पर लौटकर जिसकी ओर मैं हमेशा से खींचा चला आया हूं. मेरा जन्म 17 सितंबर 1950 को उसी दिन हुआ था, जिस दिन भारत ने इजराइल को औपचारिक रूप से मान्यता दी थी.
इजरायल पर हमास हमले की निंदा की
पीएम मोदी ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमले की निंदा की. उन्होंने कहा कि किसी भी कारण से निर्दोष लोगों की हत्या को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
#WATCH | Jerusalem, Israel: Addressing the Israeli Parliament, Prime Minister Narendra Modi says, “No cause can justify the murder of civilians. Nothing can justify terrorism. India has also endured the pain of terrorism for a long time. We remember the 26/11 Mumbai attacks and… https://t.co/V6i5dcBD8s pic.twitter.com/cApoO22Td7
— ANI (@ANI) February 25, 2026
उन्होंने आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है. आतंकवाद मानवता के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराए जा सकते. उन्होंने कहा कि हिंसा का चक्र क्षेत्र को और अस्थिर करता है. उन्होंने जोर दिया कि स्थायी शांति के लिए राजनीतिक समाधान जरूरी है. उन्होंने गाजा में जारी संघर्ष पर चिंता जताते हुए कहा कि शांति का रास्ता संवाद और कूटनीति से होकर गुजरता है. उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति के लिए फिलिस्तीन मुद्दे का समाधान आवश्यक है और भारत ऐसी किसी भी पहल का समर्थन करता है जो क्षेत्र में स्थिरता और शांति ला सके.
भारत ने भी आतंकवाद का दर्द सहा है
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद पर भारत का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है. आतंकवाद पर दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं है. हमारी आतंकवाद पर जीरो टॉलरेस नीति है. भारत क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के पक्ष में है. भारत अब्राहम अकॉर्ड के समर्थन में है.
इजरायली संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है. हमें 26/11 के मुंबई हमले और इजराइली नागरिकों सहित मारे गए बेगुनाह लोगों की जान याद है. हम 26/11 और 7 अक्टूबर के हमलों को नहीं भूले हैं. आपकी तरह हमारी भी आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है, जिसमें कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं है. आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए लगातार और मिलकर दुनियाभर में कार्रवाई करने की जरूरत है, क्योंकि कहीं भी होने वाला आतंक हर जगह शांति के लिए खतरा है.
उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के रिश्ते 2000 साल पुराने हैं. बुक ऑफ एस्तेर में भारत का जिक्र मिलता है और तलमुद में हमारे व्यापारिक संबंधों का उल्लेख है. भारत में इजराइल के पक्के इरादों, हिम्मत और सफलता की बहुत तारीफ होती है. यहूदी व्यापारी भूमध्यसागर को हिंद महासागर से जोड़ने वाले समुद्री रास्तों से सफर करते थे और भारत में, वे हम में से एक बन गए. यहूदी समुदाय भारत में बिना किसी जुल्म या भेदभाव के डर के रहे हैं. यहूदी समुदाय भारत में बिना डर के रहता है. यहूदी समुदाय ने भारत को समृद्ध किया है.
#WATCH | Jerusalem, Israel: Addressing the Israeli Parliament, Prime Minister Narendra Modi says, “…Jewish communities have lived in India without fear of persecution or discrimination. They have preserved their faiths and participated fully in society…”(Source: DD) pic.twitter.com/DUJRX9XI1O
— ANI (@ANI) February 25, 2026
शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता लेकिन…
पीएम मोदी ने कहा कि बीते महीने दुनिया ने इंटरनेशनल होलोकॉस्ट रिमेम्बरेंस डे मनाया. होलोकॉस्ट इंसानियत के सबसे काले अध्याय में से एक है. वर्ल्ड वॉर एक में 4000 भारतीय सैनिकों ने शहादत दी थी. हाइफा में भारतीय सैनिकों ने शहादत दी. यहूदी नरसंहार का इतिहास काला है. गुजरात के नवानगर के महाराजा, जिन्हें जाम साहेब के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने पोलैंड के बच्चों को शरण दी, जिनमें यहूदी बच्चे भी शामिल थे, जिनके पास और कोई ठिकाना नहीं था.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम दुनियाभर में शांति के पैरोकार हैं. गाजा पीस प्लान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंजूरी दी है, जिससे शांति का रास्ता नजर आता है. भारत भी इसका समर्थन करता है. हमारा मानना है कि बातचीत से ही शांति संभव है. हमारी सभी कोशिशें समझदारी, हिम्मत और इंसानियत से चलें. शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ खड़ा है.
#WATCH | Jerusalem, Israel: Addressing the Israeli Parliament, Prime Minister Narendra Modi says, “…The Gaza Peace Initiative, which was endorsed by the UN Security Council, offers a pathway. India has expressed its firm support for the initiative. We believe that it holds the… pic.twitter.com/AKT4roiDXo
— ANI (@ANI) February 25, 2026
उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. हमने हाल ही में दूसरे देशों के साथ कई जरूरी ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं. हमारी टीमें एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत करने के लिए मेहनत कर रही हैं. पिछले कुछ सालों में, भारत ने दूसरे देशों के साथ कई ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं. हमने ईयू, ब्रिटेन से ट्रेड डील की है. हम दुनिया में इकोनॉमी कॉरिडोर बना रहे हैं. भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI समिट हुआ. हमारे लिए पूरी दुनिया एक परिवार है.
#WATCH | Jerusalem, Israel: After concluding his speech, Prime Minister Narendra Modi interacts with members of the Israeli parliament, the Knesset. Members took selfies and photographs with PM Modi.(Source: DD) pic.twitter.com/cuu5FU4Rvn
— ANI (@ANI) February 25, 2026
बता दें कि पीएम मोदी के संबोधन से पहले, बीच में और उनका संबोधन खत्म होने के बाद संसद में मोदी, मोदी के नारे लगते रहे. उन्हें कई बार स्टैंडिंग ओवेशन भी मिला. आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायली संसद Knesset के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया. इजरायल की संसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पीकर ऑफ द क्नेसेट मेडल से सम्मानित किया है. यह क्नेसेट का सर्वोच्च सम्मान है. यह अवॉर्ड प्रधानमंत्री के नेतृत्व के माध्यम से भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान के सम्मान में प्रदान किया गया है.
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